21 जुलाई: ‘नव्य तृणमूल’ को मिली अनुमति! गांधी मूर्ति के पास होगा शहीद दिवस का आयोजन

July 11, 2026 11:09 AM

कोलकाता: आगामी 21 जुलाई को कोलकाता में ‘नव्य तृणमूल’ अपना शहीद दिवस कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने कोलकाता में गांधी मूर्ति के पास इस कार्यक्रम को आयोजित करने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में भी बड़े बदलाव के संकेत मिले हैं। सूत्रों की मानें तो बिप्लब मित्र को ‘नव्य तृणमूल’ का अध्यक्ष और जावेद खान को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने जा रही है।

​स्थान को लेकर नबान्न में हुई थी बैठक:

इससे पहले 21 जुलाई के कार्यक्रम के स्थान और प्रशासनिक अनुमति को लेकर नबान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ नव्य तृणमूल के प्रतिनिधियों की लगभग डेढ़ घंटे तक लंबी बैठक हुई थी।

​विक्टोरिया हाउस की अनुमति नहीं, फिर चुना गया नया विकल्प:

शुरुआत में ऋतब्रत गुट ने विक्टोरिया हाउस के सामने धर्मतला मोड़ के पास रैली करने के लिए पुलिस से अनुमति मांगी थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद सरकार से किसी अन्य स्थान के लिए आवेदन किया गया, और अंततः गांधी मूर्ति के पास कार्यक्रम करने की मंजूरी मिल गई। गौरतलब है कि प्रशासन ने उस समय ‘आदि’ और ‘नव्य’ दोनों ही गुटों की धर्मतला में कार्यक्रम करने की अपील को खारिज कर दिया था।

​मामला पहुँचा कलकत्ता हाईकोर्ट:

धर्मतला में सभा की अनुमति न मिलने के बाद ‘कालीघाट तृणमूल कांग्रेस’ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव डेरेक ओ’ब्रायन की ओर से दायर याचिका में 19 जुलाई से तैयारी शुरू करने और 21 जुलाई को सभा करने की अनुमति मांगी गई है। यह मामला न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ में दायर किया गया है, जहां 30 जून को लालबाजार द्वारा धर्मतला में सभा-रैली पर लगाए गए प्रतिबंध को वापस लेने या अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई है। इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह होने की संभावना है।

​चुनाव आयोग में भी दोनों गुट सक्रिय:

पार्टी के अंदरुनी संगठनात्मक विवाद के बीच दोनों गुटों ने राष्ट्रीय चुनाव आयोग के समक्ष अपना-अपना पक्ष रखा है। ऋतब्रत गुट ने अतिरिक्त समय मांगने के बाद शुक्रवार को अपने वकील के माध्यम से चुनाव आयोग में लिखित बयान जमा कर दिया है।

​दूसरी ओर, ममता बनर्जी गुट ने भी बीते सोमवार को चुनाव आयोग को 14 पन्नों का एक हस्ताक्षरित पत्र सौंपा था। इस पत्र में 1997 में पार्टी के गठन की प्रक्रिया, पार्टी संविधान के अनुसार संगठनात्मक समिति के गठन और अनुशासन भंग करने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों का विस्तृत विवरण दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस पत्र की एक प्रति ऋतब्रत गुट को भी भेजी गई है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment